लॉरेंस कोहलबर्ग के जीवनी एवं सिधांत
| EXAM NAME | CTET |
| TOPIC | कोहलबर्ग के जीवनी एवं सिधांत |
| EXAM DATE | 8 FEB 2026 |
| OFFICIAL WEBSITE | https://ctet.nic.in/ |
| OTHER WEBSITE | VVI NOTES |
AB JANKARI के इस पेज में CTET EXAM के लिए कोहलबर्ग के जीवनी और सिद्धांत से सम्बन्धित जानकारी दिया गया है , जो CTET के परीक्षा में पूछे जा सकते है |
Keywords to Include: - कोहलबर्ग का नैतिक विकास सिद्धांत एवं जीवनी हिंदी में। लॉरेंस कोहलबर्ग के 3 स्तर, 6 चरण, उदाहरण, विशेषताएँ, सीमाएँ व शैक्षिक महत्व – CTET, TET, B.Ed परीक्षा हेतु उपयोगी नोट्स।
लॉरेंस कोहलबर्ग : संक्षिप्त जीवनी
- पूरा नाम: लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg)
- जन्म: 25 अक्टूबर 1927, न्यूयॉर्क (अमेरिका)
- मृत्यु: 19 जनवरी 1987
- क्षेत्र: विकासात्मक मनोविज्ञान, नैतिक शिक्षा
- प्रसिद्धि का कारण: नैतिक विकास का चरणबद्ध सिद्धांत
कोहलबर्ग के शैक्षणिक पृष्ठभूमि
- हार्वर्ड विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
- जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत से प्रभावित होकर नैतिक विकास पर शोध किया।
- उन्होंने यह सिद्ध किया कि नैतिक सोच आयु के साथ क्रमिक रूप से विकसित होती है।
कोहलबर्ग के प्रमुख योगदान
- नैतिक निर्णयों के आधार पर नैतिक विकास के 3 स्तर एवं 6 चरण प्रतिपादित किए।
- “हाइन्ज दुविधा” (Heinz Dilemma) के माध्यम से नैतिक तर्क का अध्ययन किया।
- नैतिक शिक्षा को विद्यालयी पाठ्यक्रम से जोड़ने पर बल दिया।
कोहलबर्ग का नैतिक विकास सिद्धांत
कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास का अर्थ है —कोहलबर्ग ने नैतिक विकास को तीन स्तरों (Levels) और छह चरणों (Stages) में विभाजित किया।
स्तर 1 : पूर्व-परंपरागत स्तर (Pre-Conventional Level)
इस स्तर पर नैतिकता बाहरी परिणामों पर आधारित होती है।
गलत वह है जिससे सजा मिले।
बच्चा अधिकार को अंतिम मानता है।
उदाहरण:
“चोरी गलत है क्योंकि पकड़े जाने पर सजा मिलेगी।”
चरण 2 : साधनात्मक–हेतु संबंध उन्मुखीकरण
सही वही है जिससे व्यक्तिगत लाभ हो।
लेन–देन की भावना विकसित होती है।
उदाहरण:
“अगर मैं तुम्हारी मदद करूँगा, तो तुम भी मेरी मदद करोगे।”
स्तर 2 : परंपरागत स्तर (Conventional Level)
यह स्तर सामान्यतः 10 से 16 वर्ष की आयु में विकसित होता है।
इस स्तर पर व्यक्ति सामाजिक नियमों और अपेक्षाओं को महत्व देता है।
चरण 3 : अच्छा बालक / अच्छी बालिका उन्मुखीकरण
सही वह है जिससे दूसरों की स्वीकृति मिले।
सामाजिक संबंधों और भावनाओं का महत्व।
उदाहरण:
“चोरी नहीं करनी चाहिए क्योंकि लोग मुझे बुरा समझेंगे।”
चरण 4 : कानून और व्यवस्था उन्मुखीकरण
नियम और कानून सर्वोपरि होते हैं।
समाज की व्यवस्था बनाए रखना नैतिक कर्तव्य माना जाता है।
उदाहरण:
“चोरी गलत है क्योंकि यह कानून के विरुद्ध है।”
स्तर 3 : उत्तर-परंपरागत स्तर (Post-Conventional Level)
यह स्तर बहुत कम लोगों में विकसित होता है।
यह स्तर व्यक्तिगत नैतिक सिद्धांतों पर आधारित होता है।
चरण 5 : सामाजिक अनुबंध उन्मुखीकरण
कानून मानव कल्याण के लिए होते हैं।
यदि कानून अन्यायपूर्ण हों तो बदले जा सकते हैं।
उदाहरण:
“यदि कानून किसी की जान नहीं बचा पा रहा, तो उसका उल्लंघन नैतिक हो सकता है।”
चरण 6 : सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत उन्मुखीकरण
नैतिकता आत्मनिर्मित सार्वभौमिक मूल्यों पर आधारित होती है।
न्याय, समानता, मानव गरिमा सर्वोच्च मूल्य होते हैं।
उदाहरण:
“किसी की जान बचाना सर्वोच्च नैतिक कर्तव्य है, चाहे कानून कुछ भी कहे।”
कोहलबर्ग सिद्धांत की प्रमुख विशेषताएँ
- नैतिक विकास क्रमिक और अपरिवर्तनीय होता है।
- सभी व्यक्ति सभी चरणों तक नहीं पहुँचते।
- नैतिक तर्क व्यवहार से अधिक महत्वपूर्ण है।
- यह सिद्धांत पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत पर आधारित है।
कोहलबर्ग सिद्धांत की सीमाएँ
- व्यवहार की तुलना में तर्क पर अधिक बल।
- सांस्कृतिक विविधताओं की उपेक्षा।
- स्त्री नैतिकता पर अपर्याप्त ध्यान (जिसे कैरल गिलिगन ने आलोचना की)।
कोहलबर्ग के शैक्षिक महत्व
- शिक्षक बच्चों में नैतिक चिंतन विकसित कर सकते हैं।
- नैतिक दुविधाओं पर चर्चा द्वारा उच्च स्तर के नैतिक तर्क को बढ़ावा।
- लोकतांत्रिक एवं मूल्य आधारित शिक्षा में सहायक।
कोहलबर्ग के परीक्षा उपयोगी तथ्य (CTET/TET)
- कोहलबर्ग ने नैतिक तर्क पर बल दिया, न कि व्यवहार पर।
- कुल 3 स्तर – 6 चरण।
- “हाइन्ज दुविधा” नैतिक निर्णय मापने का प्रमुख साधन।
- उत्तर-परंपरागत स्तर सभी में विकसित नहीं होता।
Primary Tag Words (मुख्य टैग)
-
Kohlberg Moral Development Theory
-
कोहलबर्ग का नैतिक विकास सिद्धांत
-
Lawrence Kohlberg Biography
-
कोहलबर्ग जीवनी हिंदी
-
Moral Development Theory in Hindi
Exam Oriented Tag Words
-
CTET Psychology Notes
-
TET Child Development and Pedagogy
-
नैतिक विकास सिद्धांत
-
Educational Psychology Hindi
-
B.Ed Psychology Notes
Long-Tail SEO Tags
-
Kohlberg Moral Development Theory in Hindi
-
कोहलबर्ग नैतिक विकास सिद्धांत 3 स्तर 6 चरण
-
Moral Development Theory for CTET TET
-
Child Moral Development Hindi Notes

