TET PAPER 1 EVS FREE PRACTICE SET
TET PAPER 1 EVS MOCK TEST - SET 03
CTET Paper 1 EVS – Mock Test Set-03 के 30 बिल्कुल नए प्रश्न दिए गए हैं।1. प्राथमिक कक्षा में EVS पढ़ाते समय स्थानीय परिवेश का उपयोग क्यों किया जाना चाहिए?
A. बच्चों को केवल परिभाषाएँ याद कराने के लिए
B. बच्चों के अनुभवों को सीखने से जोड़ने के लिए
C. पाठ्यपुस्तक को समाप्त करने के लिए
D. गृहकार्य कम करने के लिए
सही उत्तर: B. बच्चों के अनुभवों को सीखने से जोड़ने के लिए
EVS में बच्चे अपने आसपास के परिवेश से पहले से अनेक अनुभव प्राप्त करते हैं। स्थानीय परिवेश को शिक्षण में शामिल करने से अमूर्त अवधारणाएँ बच्चों के वास्तविक जीवन से जुड़ती हैं और सीखना अधिक अर्थपूर्ण तथा अनुभवात्मक बनता है।
EVS में बच्चे अपने आसपास के परिवेश से पहले से अनेक अनुभव प्राप्त करते हैं। स्थानीय परिवेश को शिक्षण में शामिल करने से अमूर्त अवधारणाएँ बच्चों के वास्तविक जीवन से जुड़ती हैं और सीखना अधिक अर्थपूर्ण तथा अनुभवात्मक बनता है।
2. किसी पौधे की पत्तियों को कुछ समय के लिए ढककर रखना किस अवधारणा को समझाने में सहायक हो सकता है?
A. बीज प्रसार
B. प्रकाश की भूमिका
C. जड़ की लंबाई
D. मिट्टी का प्रकार
सही उत्तर: B. प्रकाश की भूमिका
पत्तियों को ढकने का प्रयोग बच्चों को यह समझने में सहायता करता है कि प्रकाश पौधों में भोजन निर्माण की प्रक्रिया के लिए आवश्यक है। ऐसे प्रयोग बच्चों को केवल तथ्य बताने के बजाय स्वयं अवलोकन और निष्कर्ष निकालने का अवसर देते हैं।
पत्तियों को ढकने का प्रयोग बच्चों को यह समझने में सहायता करता है कि प्रकाश पौधों में भोजन निर्माण की प्रक्रिया के लिए आवश्यक है। ऐसे प्रयोग बच्चों को केवल तथ्य बताने के बजाय स्वयं अवलोकन और निष्कर्ष निकालने का अवसर देते हैं।
3. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रश्न बच्चों में EVS के अंतर्गत खोजपरक सोच को सबसे अधिक बढ़ावा देता है?
A. पानी का सूत्र क्या है?
B. पानी के तीन स्रोतों के नाम लिखो।
C. यदि किसी गाँव में पानी का स्रोत सूख जाए तो लोग क्या-क्या कर सकते हैं?
D. जल की परिभाषा लिखो।
सही उत्तर: C. यदि किसी गाँव में पानी का स्रोत सूख जाए तो लोग क्या-क्या कर सकते हैं?
यह प्रश्न बच्चों को समस्या पर विचार करने, संभावित समाधान खोजने और अपने अनुभवों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करता है। ऐसे खुले प्रश्न EVS में चिंतन, तर्क और समस्या-समाधान क्षमता के विकास में सहायक होते हैं।
यह प्रश्न बच्चों को समस्या पर विचार करने, संभावित समाधान खोजने और अपने अनुभवों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करता है। ऐसे खुले प्रश्न EVS में चिंतन, तर्क और समस्या-समाधान क्षमता के विकास में सहायक होते हैं।
4. बच्चे अलग-अलग पत्तियों को देखकर उनका वर्गीकरण करते हैं। इस गतिविधि से मुख्य रूप से कौन-सी क्षमता विकसित होती है?
A. केवल स्मरण
B. अवलोकन और वर्गीकरण
C. केवल लेखन
D. केवल उच्चारण
सही उत्तर: B. अवलोकन और वर्गीकरण
पत्तियों के आकार, रंग, बनावट या किनारों के आधार पर उन्हें अलग-अलग समूहों में रखना बच्चों को समानता और अंतर पहचानना सिखाता है। यह गतिविधि वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा अवलोकन एवं वर्गीकरण जैसी प्रक्रियात्मक क्षमताओं का विकास करती है।
पत्तियों के आकार, रंग, बनावट या किनारों के आधार पर उन्हें अलग-अलग समूहों में रखना बच्चों को समानता और अंतर पहचानना सिखाता है। यह गतिविधि वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा अवलोकन एवं वर्गीकरण जैसी प्रक्रियात्मक क्षमताओं का विकास करती है।
5. EVS की कक्षा में बच्चों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के प्रति शिक्षक की सबसे उपयुक्त प्रतिक्रिया क्या होनी चाहिए?
A. सभी प्रश्नों को रोक देना
B. केवल पाठ्यपुस्तक के प्रश्नों का उत्तर देना
C. प्रश्नों को सीखने के अवसर के रूप में लेना
D. बच्चों को प्रश्न पूछने से मना करना
सही उत्तर: C. प्रश्नों को सीखने के अवसर के रूप में लेना
बच्चों के प्रश्न उनकी जिज्ञासा और सक्रिय सीखने का संकेत होते हैं। EVS शिक्षक को प्रश्नों को दबाने के बजाय चर्चा, अवलोकन, गतिविधि और खोज के माध्यम से उनके उत्तर खोजने के अवसर प्रदान करने चाहिए।
बच्चों के प्रश्न उनकी जिज्ञासा और सक्रिय सीखने का संकेत होते हैं। EVS शिक्षक को प्रश्नों को दबाने के बजाय चर्चा, अवलोकन, गतिविधि और खोज के माध्यम से उनके उत्तर खोजने के अवसर प्रदान करने चाहिए।
6. रेगिस्तान में रहने वाले पौधों में काँटों का होना किस अनुकूलन का उदाहरण है?
A. जल की हानि कम करना
B. अधिक जल अवशोषित करना
C. मिट्टी को उपजाऊ बनाना
D. बीजों को भारी बनाना
सही उत्तर: A. जल की हानि कम करना
रेगिस्तानी पौधों में पत्तियाँ कई बार काँटों में परिवर्तित होती हैं। इससे पत्ती का सतह क्षेत्र कम होता है और वाष्पोत्सर्जन के कारण जल की हानि कम होती है। यह शुष्क वातावरण के प्रति पौधों का महत्वपूर्ण अनुकूलन है।
रेगिस्तानी पौधों में पत्तियाँ कई बार काँटों में परिवर्तित होती हैं। इससे पत्ती का सतह क्षेत्र कम होता है और वाष्पोत्सर्जन के कारण जल की हानि कम होती है। यह शुष्क वातावरण के प्रति पौधों का महत्वपूर्ण अनुकूलन है।
7. भोजन पकाने की विभिन्न विधियों का अध्ययन कराने के लिए सबसे उपयुक्त गतिविधि कौन-सी है?
A. केवल परिभाषाएँ लिखवाना
B. परिवारों में प्रचलित भोजन पकाने की विधियों की जानकारी एकत्र करना
C. केवल पाठ याद करवाना
D. केवल चित्र बनवाना
सही उत्तर: B. परिवारों में प्रचलित भोजन पकाने की विधियों की जानकारी एकत्र करना
EVS में बच्चों के घरेलू और सामाजिक अनुभव महत्वपूर्ण संसाधन होते हैं। अलग-अलग परिवारों में भोजन पकाने की विधियों की जानकारी एकत्र करने से बच्चों को विविधता, ईंधन, परंपरा और स्थानीय परिस्थितियों को समझने का अवसर मिलता है।
EVS में बच्चों के घरेलू और सामाजिक अनुभव महत्वपूर्ण संसाधन होते हैं। अलग-अलग परिवारों में भोजन पकाने की विधियों की जानकारी एकत्र करने से बच्चों को विविधता, ईंधन, परंपरा और स्थानीय परिस्थितियों को समझने का अवसर मिलता है।
8. निम्नलिखित में से कौन-सा जल संरक्षण का प्रभावी उपाय है?
A. नल खुला छोड़ना
B. वर्षा जल का संग्रह करना
C. आवश्यकता से अधिक पानी बहाना
D. जल स्रोतों में कचरा डालना
सही उत्तर: B. वर्षा जल का संग्रह करना
वर्षा जल संचयन पानी को एकत्र करके उसके उपयोग या भूजल पुनर्भरण में सहायता करता है। प्राथमिक स्तर पर इस विषय को स्थानीय उदाहरणों के माध्यम से पढ़ाने से बच्चों में जल के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण की समझ विकसित की जा सकती है।
वर्षा जल संचयन पानी को एकत्र करके उसके उपयोग या भूजल पुनर्भरण में सहायता करता है। प्राथमिक स्तर पर इस विषय को स्थानीय उदाहरणों के माध्यम से पढ़ाने से बच्चों में जल के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण की समझ विकसित की जा सकती है।
9. बच्चे किसी स्थानीय तालाब के आसपास पाए जाने वाले जीवों की सूची बनाते हैं। यह गतिविधि किससे संबंधित है?
A. स्थानीय जैव-विविधता
B. केवल गणितीय गणना
C. केवल भाषा शिक्षण
D. केवल मानचित्र निर्माण
सही उत्तर: A. स्थानीय जैव-विविधता
किसी स्थान पर पाए जाने वाले विभिन्न पौधों, पक्षियों, कीटों और अन्य जीवों का अध्ययन स्थानीय जैव-विविधता को समझने में सहायता करता है। ऐसी गतिविधियाँ बच्चों को अपने आसपास के जीव-जगत के प्रति संवेदनशील बनाती हैं।
किसी स्थान पर पाए जाने वाले विभिन्न पौधों, पक्षियों, कीटों और अन्य जीवों का अध्ययन स्थानीय जैव-विविधता को समझने में सहायता करता है। ऐसी गतिविधियाँ बच्चों को अपने आसपास के जीव-जगत के प्रति संवेदनशील बनाती हैं।
10. EVS में मानचित्र का उपयोग बच्चों को मुख्य रूप से किस समझ को विकसित करने में सहायता करता है?
A. स्थानिक संबंधों की समझ
B. केवल कविता लेखन
C. केवल वर्तनी
D. केवल मौखिक स्मरण
सही उत्तर: A. स्थानिक संबंधों की समझ
मानचित्र बच्चों को स्थान, दिशा, दूरी और विभिन्न स्थानों के बीच संबंध समझने में सहायता करते हैं। प्राथमिक स्तर पर सरल स्थानीय मानचित्र बनवाकर बच्चों में स्थानिक समझ को अनुभवात्मक ढंग से विकसित किया जा सकता है।
मानचित्र बच्चों को स्थान, दिशा, दूरी और विभिन्न स्थानों के बीच संबंध समझने में सहायता करते हैं। प्राथमिक स्तर पर सरल स्थानीय मानचित्र बनवाकर बच्चों में स्थानिक समझ को अनुभवात्मक ढंग से विकसित किया जा सकता है।
11. यदि कोई बच्चा कहता है कि “पौधे जीवित नहीं होते क्योंकि वे चलते नहीं हैं”, तो शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A. बच्चे को तुरंत गलत कहकर आगे बढ़ जाना चाहिए
B. पौधों में वृद्धि जैसी विशेषताओं का अवलोकन करवाना चाहिए
C. बच्चे को दंड देना चाहिए
D. प्रश्न को अनदेखा करना चाहिए
सही उत्तर: B. पौधों में वृद्धि जैसी विशेषताओं का अवलोकन करवाना चाहिए
बच्चे की धारणा को केवल गलत बताने के बजाय शिक्षक को अनुभव और प्रमाण के माध्यम से अवधारणा विकसित करनी चाहिए। पौधों की वृद्धि, श्वसन और प्रजनन जैसे उदाहरणों पर चर्चा करने से बच्चे जीवित वस्तुओं की विशेषताओं को बेहतर समझ सकते हैं।
बच्चे की धारणा को केवल गलत बताने के बजाय शिक्षक को अनुभव और प्रमाण के माध्यम से अवधारणा विकसित करनी चाहिए। पौधों की वृद्धि, श्वसन और प्रजनन जैसे उदाहरणों पर चर्चा करने से बच्चे जीवित वस्तुओं की विशेषताओं को बेहतर समझ सकते हैं।
12. पक्षियों के घोंसलों का अध्ययन बच्चों को किस प्रकार की जानकारी दे सकता है?
A. केवल पक्षियों के रंग की
B. उनके आवास और जीवन-शैली की
C. केवल उनके वजन की
D. केवल उनके नामों की
सही उत्तर: B. उनके आवास और जीवन-शैली की
घोंसले का स्थान, निर्माण सामग्री और आकार पक्षियों के आवास तथा जीवन-शैली से जुड़े संकेत देते हैं। बच्चों को सुरक्षित दूरी से घोंसलों का अवलोकन कराने से वे जीवों और उनके पर्यावरण के बीच संबंध समझ सकते हैं।
घोंसले का स्थान, निर्माण सामग्री और आकार पक्षियों के आवास तथा जीवन-शैली से जुड़े संकेत देते हैं। बच्चों को सुरक्षित दूरी से घोंसलों का अवलोकन कराने से वे जीवों और उनके पर्यावरण के बीच संबंध समझ सकते हैं।
13. “कौन-सी वस्तुएँ पानी में तैरती हैं और कौन-सी डूबती हैं?” गतिविधि में शिक्षक की भूमिका क्या होनी चाहिए?
A. सभी उत्तर पहले से बता देना
B. बच्चों को वस्तुओं का अनुमान और परीक्षण करने देना
C. केवल किताब पढ़ना
D. गतिविधि को रोक देना
सही उत्तर: B. बच्चों को वस्तुओं का अनुमान और परीक्षण करने देना
ऐसी गतिविधि में बच्चों को पहले अनुमान लगाने और फिर वास्तविक परीक्षण करने का अवसर देना चाहिए। इससे वे अपने अनुमान की तुलना परिणाम से करते हैं और वैज्ञानिक जाँच की प्रक्रिया को समझते हैं।
ऐसी गतिविधि में बच्चों को पहले अनुमान लगाने और फिर वास्तविक परीक्षण करने का अवसर देना चाहिए। इससे वे अपने अनुमान की तुलना परिणाम से करते हैं और वैज्ञानिक जाँच की प्रक्रिया को समझते हैं।
14. EVS में “काम करने वाले लोग” विषय पढ़ाते समय सबसे उपयुक्त दृष्टिकोण क्या है?
A. केवल कुछ प्रतिष्ठित व्यवसायों की चर्चा करना
B. विभिन्न प्रकार के कार्यों और उनके सामाजिक महत्व पर चर्चा करना
C. केवल सरकारी नौकरियों की चर्चा करना
D. बच्चों को व्यवसाय याद करवाना
सही उत्तर: B. विभिन्न प्रकार के कार्यों और उनके सामाजिक महत्व पर चर्चा करना
EVS बच्चों को समाज में किए जाने वाले विभिन्न कार्यों को समझने का अवसर देता है। शिक्षक को अलग-अलग व्यवसायों और श्रम के महत्व पर चर्चा करते हुए बच्चों में सभी प्रकार के कार्यों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करनी चाहिए।
EVS बच्चों को समाज में किए जाने वाले विभिन्न कार्यों को समझने का अवसर देता है। शिक्षक को अलग-अलग व्यवसायों और श्रम के महत्व पर चर्चा करते हुए बच्चों में सभी प्रकार के कार्यों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करनी चाहिए।
15. किसी गाँव में मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कुम्हार से बातचीत करवाने का मुख्य शैक्षिक लाभ क्या है?
A. केवल मनोरंजन
B. स्थानीय कौशल और आजीविका को समझना
C. केवल परीक्षा की तैयारी
D. केवल भाषा की वर्तनी सीखना
सही उत्तर: B. स्थानीय कौशल और आजीविका को समझना
स्थानीय कारीगर से बातचीत बच्चों को कार्य की प्रक्रिया, कौशल, कच्चे माल, उपकरण और आजीविका के संबंध को समझने का अवसर देती है। यह पाठ्यपुस्तक के ज्ञान को वास्तविक जीवन और समुदाय से जोड़ती है।
स्थानीय कारीगर से बातचीत बच्चों को कार्य की प्रक्रिया, कौशल, कच्चे माल, उपकरण और आजीविका के संबंध को समझने का अवसर देती है। यह पाठ्यपुस्तक के ज्ञान को वास्तविक जीवन और समुदाय से जोड़ती है।
16. प्राथमिक स्तर पर EVS में भ्रमण (Field Visit) का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य क्या है?
A. केवल कक्षा से बाहर जाना
B. वास्तविक परिस्थितियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना
C. गृहकार्य से बचना
D. केवल मनोरंजन करना
सही उत्तर: B. वास्तविक परिस्थितियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना
फील्ड विजिट बच्चों को वास्तविक स्थानों, वस्तुओं और प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष देखने का अवसर देती है। इससे अवलोकन, प्रश्न पूछने, जानकारी एकत्र करने और अनुभव को कक्षा के अध्ययन से जोड़ने की क्षमता विकसित होती है।
फील्ड विजिट बच्चों को वास्तविक स्थानों, वस्तुओं और प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष देखने का अवसर देती है। इससे अवलोकन, प्रश्न पूछने, जानकारी एकत्र करने और अनुभव को कक्षा के अध्ययन से जोड़ने की क्षमता विकसित होती है।
17. निम्नलिखित में से कौन-सा EVS में पोर्टफोलियो मूल्यांकन का उदाहरण है?
A. केवल वार्षिक परीक्षा के अंक
B. विद्यार्थी के समय-समय पर किए गए कार्यों का संग्रह
C. केवल मौखिक परीक्षा
D. केवल उपस्थिति रजिस्टर
सही उत्तर: B. विद्यार्थी के समय-समय पर किए गए कार्यों का संग्रह
पोर्टफोलियो में विद्यार्थी के विभिन्न समय पर किए गए कार्य, गतिविधियाँ, चित्र, परियोजनाएँ और अन्य सीखने के प्रमाण शामिल किए जा सकते हैं। इससे बच्चे की सीखने की प्रगति और विकास को निरंतर समझने में सहायता मिलती है।
पोर्टफोलियो में विद्यार्थी के विभिन्न समय पर किए गए कार्य, गतिविधियाँ, चित्र, परियोजनाएँ और अन्य सीखने के प्रमाण शामिल किए जा सकते हैं। इससे बच्चे की सीखने की प्रगति और विकास को निरंतर समझने में सहायता मिलती है।
18. EVS में बच्चों को अपने परिवार के सदस्यों के कार्यों की जानकारी एकत्र करने को कहना किस प्रकार की गतिविधि है?
A. सर्वेक्षण आधारित गतिविधि
B. केवल रटने की गतिविधि
C. केवल चित्रकारी
D. केवल श्रुतिलेख
सही उत्तर: A. सर्वेक्षण आधारित गतिविधि
जब बच्चे लोगों से जानकारी प्राप्त करते हैं, उसे दर्ज करते हैं और उसके आधार पर निष्कर्ष निकालते हैं, तो यह सर्वेक्षण जैसी गतिविधि बन जाती है। इससे संचार, जानकारी एकत्र करने और व्यवस्थित करने की क्षमता विकसित होती है।
जब बच्चे लोगों से जानकारी प्राप्त करते हैं, उसे दर्ज करते हैं और उसके आधार पर निष्कर्ष निकालते हैं, तो यह सर्वेक्षण जैसी गतिविधि बन जाती है। इससे संचार, जानकारी एकत्र करने और व्यवस्थित करने की क्षमता विकसित होती है।
19. “एक ही वस्तु का उपयोग अलग-अलग परिवारों में अलग तरीके से होता है” इस तथ्य से बच्चे क्या समझ सकते हैं?
A. सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता
B. केवल गणित
C. केवल मौसम
D. केवल जीव विज्ञान
सही उत्तर: A. सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता
भोजन, वस्त्र, घर, उपकरण और दैनिक गतिविधियों में परिवारों के बीच अंतर बच्चों को सामाजिक एवं सांस्कृतिक विविधता समझने में सहायता करता है। EVS का उद्देश्य बच्चों को इस विविधता को पहचानने और उसका सम्मान करने के लिए तैयार करना भी है।
भोजन, वस्त्र, घर, उपकरण और दैनिक गतिविधियों में परिवारों के बीच अंतर बच्चों को सामाजिक एवं सांस्कृतिक विविधता समझने में सहायता करता है। EVS का उद्देश्य बच्चों को इस विविधता को पहचानने और उसका सम्मान करने के लिए तैयार करना भी है।
20. निम्नलिखित में से कौन-सा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का उचित तरीका है?
A. सभी कचरे को एक स्थान पर फेंकना
B. कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में छाँटना
C. प्लास्टिक को खुले में जलाना
D. कचरे को जल स्रोत में डालना
सही उत्तर: B. कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में छाँटना
कचरे को जैविक, पुनर्चक्रण योग्य और अन्य श्रेणियों में अलग करना उसके उचित निपटान और पुनर्चक्रण को आसान बनाता है। प्राथमिक स्तर पर ऐसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में स्वच्छता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की समझ विकसित की जा सकती है।
कचरे को जैविक, पुनर्चक्रण योग्य और अन्य श्रेणियों में अलग करना उसके उचित निपटान और पुनर्चक्रण को आसान बनाता है। प्राथमिक स्तर पर ऐसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में स्वच्छता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की समझ विकसित की जा सकती है।
21. बच्चों को यह समझाने के लिए कि स्वच्छ हवा क्यों आवश्यक है, कौन-सी गतिविधि अधिक प्रभावी होगी?
A. केवल परिभाषा लिखवाना
B. स्थानीय वायु प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करवाना
C. केवल प्रश्नोत्तर याद करवाना
D. केवल पाठ पढ़ना
सही उत्तर: B. स्थानीय वायु प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करवाना
वाहनों का धुआँ, कचरा जलाना और धूल जैसे स्थानीय स्रोतों की पहचान करने से बच्चे वायु प्रदूषण को अपने अनुभवों से जोड़ सकते हैं। इससे पर्यावरणीय समस्याओं को समझने और समाधान पर विचार करने की क्षमता विकसित होती है।
वाहनों का धुआँ, कचरा जलाना और धूल जैसे स्थानीय स्रोतों की पहचान करने से बच्चे वायु प्रदूषण को अपने अनुभवों से जोड़ सकते हैं। इससे पर्यावरणीय समस्याओं को समझने और समाधान पर विचार करने की क्षमता विकसित होती है।
22. बच्चों को बीजों की विविधता समझाने के लिए कौन-सी गतिविधि सबसे उपयुक्त है?
A. विभिन्न बीज एकत्र कर उनके आकार, रंग और बनावट की तुलना करना
B. केवल बीज की परिभाषा याद करना
C. केवल पाठ पढ़ना
D. केवल परीक्षा लेना
सही उत्तर: A. विभिन्न बीज एकत्र कर उनके आकार, रंग और बनावट की तुलना करना
बीजों का प्रत्यक्ष अवलोकन बच्चों को जैविक विविधता और पौधों की विविधता समझने का अवसर देता है। तुलना करने से वे समानताओं और अंतरों को पहचानते हैं तथा वर्गीकरण की प्रारंभिक वैज्ञानिक प्रक्रिया सीखते हैं।
बीजों का प्रत्यक्ष अवलोकन बच्चों को जैविक विविधता और पौधों की विविधता समझने का अवसर देता है। तुलना करने से वे समानताओं और अंतरों को पहचानते हैं तथा वर्गीकरण की प्रारंभिक वैज्ञानिक प्रक्रिया सीखते हैं।
23. प्राथमिक EVS कक्षा में कहानी का उपयोग किस उद्देश्य से किया जा सकता है?
A. बच्चों की कल्पना, चर्चा और अवधारणा निर्माण के लिए
B. केवल समय बिताने के लिए
C. केवल परीक्षा लेने के लिए
D. केवल गृहकार्य देने के लिए
सही उत्तर: A. बच्चों की कल्पना, चर्चा और अवधारणा निर्माण के लिए
EVS से संबंधित कहानी बच्चों के अनुभवों और कल्पना को सक्रिय कर सकती है। कहानी के बाद प्रश्न, चर्चा और गतिविधियाँ कराकर शिक्षक बच्चों को पर्यावरण, समाज और जीव-जगत से संबंधित अवधारणाओं पर सोचने का अवसर दे सकता है।
EVS से संबंधित कहानी बच्चों के अनुभवों और कल्पना को सक्रिय कर सकती है। कहानी के बाद प्रश्न, चर्चा और गतिविधियाँ कराकर शिक्षक बच्चों को पर्यावरण, समाज और जीव-जगत से संबंधित अवधारणाओं पर सोचने का अवसर दे सकता है।
24. किसी बच्चे को EVS गतिविधि में अपेक्षाकृत अधिक समय लगता है। समावेशी कक्षा में शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A. बच्चे को गतिविधि से बाहर कर देना चाहिए
B. आवश्यक सहयोग और अतिरिक्त समय देना चाहिए
C. उसे दंड देना चाहिए
D. उसे हमेशा अलग बैठाना चाहिए
सही उत्तर: B. आवश्यक सहयोग और अतिरिक्त समय देना चाहिए
समावेशी शिक्षा का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को सीखने में भाग लेने का अवसर देना है। यदि किसी बच्चे को अधिक समय या अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है, तो शिक्षक को उसकी आवश्यकता के अनुसार सहायता प्रदान करनी चाहिए।
समावेशी शिक्षा का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को सीखने में भाग लेने का अवसर देना है। यदि किसी बच्चे को अधिक समय या अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है, तो शिक्षक को उसकी आवश्यकता के अनुसार सहायता प्रदान करनी चाहिए।
25. EVS में बच्चों की सीखने की प्रक्रिया का आकलन करने के लिए कौन-सा तरीका सबसे व्यापक जानकारी दे सकता है?
A. केवल लिखित परीक्षा
B. गतिविधि, अवलोकन, बातचीत और कार्यों के अनेक प्रमाण
C. केवल उपस्थिति
D. केवल गृहकार्य
सही उत्तर: B. गतिविधि, अवलोकन, बातचीत और कार्यों के अनेक प्रमाण
EVS में केवल लिखित परीक्षा से बच्चे की पूरी समझ का आकलन नहीं किया जा सकता। गतिविधियों, बातचीत, अवलोकन, परियोजनाओं और लिखित कार्यों के विभिन्न प्रमाणों से सीखने की प्रक्रिया का अधिक व्यापक आकलन किया जा सकता है।
EVS में केवल लिखित परीक्षा से बच्चे की पूरी समझ का आकलन नहीं किया जा सकता। गतिविधियों, बातचीत, अवलोकन, परियोजनाओं और लिखित कार्यों के विभिन्न प्रमाणों से सीखने की प्रक्रिया का अधिक व्यापक आकलन किया जा सकता है।
26. “मेरे परिवार में कौन-कौन से खाद्य पदार्थ खाए जाते हैं?” गतिविधि EVS के किस पहलू से जुड़ी है?
A. भोजन और परिवार
B. केवल खगोलीय विज्ञान
C. केवल परिवहन
D. केवल मानचित्र
सही उत्तर: A. भोजन और परिवार
बच्चों के परिवारों में भोजन की पसंद, उपलब्धता और परंपराएँ अलग हो सकती हैं। इस गतिविधि से भोजन की विविधता, परिवार की आदतों और स्थानीय संस्कृति को समझने का अवसर मिलता है।
बच्चों के परिवारों में भोजन की पसंद, उपलब्धता और परंपराएँ अलग हो सकती हैं। इस गतिविधि से भोजन की विविधता, परिवार की आदतों और स्थानीय संस्कृति को समझने का अवसर मिलता है।
27. किसी वस्तु के निर्माण से लेकर उसके उपभोक्ता तक पहुँचने की प्रक्रिया का अध्ययन किस अवधारणा से जुड़ा है?
A. उत्पादन और वितरण
B. केवल पाचन
C. केवल पौधों की वृद्धि
D. केवल मौसम
सही उत्तर: A. उत्पादन और वितरण
किसी वस्तु के निर्माण, परिवहन, बाजार तक पहुँचने और उपभोक्ता द्वारा उपयोग किए जाने की प्रक्रिया बच्चों को उत्पादन एवं वितरण की सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था समझने में सहायता करती है।
किसी वस्तु के निर्माण, परिवहन, बाजार तक पहुँचने और उपभोक्ता द्वारा उपयोग किए जाने की प्रक्रिया बच्चों को उत्पादन एवं वितरण की सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था समझने में सहायता करती है।
28. प्राथमिक EVS में “यात्रा” विषय बच्चों के लिए किस प्रकार उपयोगी हो सकता है?
A. विभिन्न स्थानों, लोगों और परिवेशों की तुलना के लिए
B. केवल वाहनों के नाम याद करने के लिए
C. केवल टिकट लिखने के लिए
D. केवल गणित पढ़ने के लिए
सही उत्तर: A. विभिन्न स्थानों, लोगों और परिवेशों की तुलना के लिए
यात्रा के अनुभव से बच्चे अलग-अलग स्थानों के लोगों, भोजन, भाषा, परिवहन, घर और प्राकृतिक परिवेश में विविधता देख सकते हैं। इसलिए यात्रा EVS में सामाजिक और पर्यावरणीय विविधता को समझने का महत्वपूर्ण संदर्भ बन सकती है।
यात्रा के अनुभव से बच्चे अलग-अलग स्थानों के लोगों, भोजन, भाषा, परिवहन, घर और प्राकृतिक परिवेश में विविधता देख सकते हैं। इसलिए यात्रा EVS में सामाजिक और पर्यावरणीय विविधता को समझने का महत्वपूर्ण संदर्भ बन सकती है।
29. EVS की कक्षा में समूह चर्चा का सबसे महत्वपूर्ण लाभ क्या है?
A. केवल तेज बच्चों को बोलने देना
B. विचार साझा करने और विभिन्न दृष्टिकोण समझने का अवसर
C. बच्चों को चुप रखना
D. केवल शिक्षक का समय बचाना
सही उत्तर: B. विचार साझा करने और विभिन्न दृष्टिकोण समझने का अवसर
समूह चर्चा में बच्चे अपने अनुभव और विचार साझा करते हैं तथा दूसरों के विचार सुनते हैं। इससे संचार, तर्क, सहयोग और विभिन्न दृष्टिकोणों को समझने की क्षमता विकसित होती है।
समूह चर्चा में बच्चे अपने अनुभव और विचार साझा करते हैं तथा दूसरों के विचार सुनते हैं। इससे संचार, तर्क, सहयोग और विभिन्न दृष्टिकोणों को समझने की क्षमता विकसित होती है।
30. EVS शिक्षण का व्यापक उद्देश्य निम्नलिखित में से कौन-सा है?
A. केवल तथ्यों को याद करवाना
B. बच्चे को अपने प्राकृतिक और सामाजिक परिवेश को समझने तथा उससे संवेदनशील संबंध बनाने में सक्षम बनाना
C. केवल परीक्षा में अंक बढ़ाना
D. केवल पाठ्यपुस्तक समाप्त करना
सही उत्तर: B. बच्चे को अपने प्राकृतिक और सामाजिक परिवेश को समझने तथा उससे संवेदनशील संबंध बनाने में सक्षम बनाना
EVS केवल तथ्यों का विषय नहीं है। इसका व्यापक उद्देश्य बच्चों को प्राकृतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश को समझने, प्रश्न करने, अवलोकन करने तथा अपने पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार और संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर देना है।
EVS केवल तथ्यों का विषय नहीं है। इसका व्यापक उद्देश्य बच्चों को प्राकृतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश को समझने, प्रश्न करने, अवलोकन करने तथा अपने पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार और संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर देना है।
