CTET MCQ TEST बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र SET -01
CTET CDP MCQ MOCK TEST
CTET CDP MCQ PRACTICE TEST
| EXAM NAME | CTET (PAPER 1 & 2) |
| EXAM DATE | 12,13 DECEMBER 2026 |
| OFFICIAL WEBSITE | CTET OFFICIAL |
| CTET ALL INFO | CTET NEWS UPDATE |
AB JANKARI के इस पेज में CTET PAPER 1 & 2 बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र से 30 VVI MCQ को शामिल किया गया है |
CTET CDP MOCK TEST
Paper 1 & Paper 2 | Practice Set-02
कुल प्रश्न: 30 | पूर्णांक: 30 | सही उत्तर: +1 | गलत उत्तर: 0
प्रश्न 1. बाल विकास के संदर्भ में 'सिर से पैर की ओर विकास' (Cephalocaudal Principle) का क्या अर्थ है?
सही उत्तर: (C)
व्याख्या: Cephalocaudal सिद्धांत के अनुसार विकास सिर से पैरों की दिशा में होता है। बच्चा पहले सिर पर नियंत्रण प्राप्त करता है, फिर धड़ और पैरों पर नियंत्रण विकसित करता है।
व्याख्या: Cephalocaudal सिद्धांत के अनुसार विकास सिर से पैरों की दिशा में होता है। बच्चा पहले सिर पर नियंत्रण प्राप्त करता है, फिर धड़ और पैरों पर नियंत्रण विकसित करता है।
प्रश्न 2. फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत में व्यक्तित्व का वह भाग कौन-सा है जो वास्तविकता के सिद्धांत के अनुसार कार्य करता है?
सही उत्तर: (A)
व्याख्या: फ्रायड के अनुसार Ego वास्तविकता के सिद्धांत पर कार्य करता है और Id की इच्छाओं तथा बाहरी परिस्थितियों के बीच संतुलन स्थापित करता है।
व्याख्या: फ्रायड के अनुसार Ego वास्तविकता के सिद्धांत पर कार्य करता है और Id की इच्छाओं तथा बाहरी परिस्थितियों के बीच संतुलन स्थापित करता है।
प्रश्न 3. गेस्टाल्ट मनोविज्ञान के अनुसार अधिगम की प्रमुख विशेषता क्या है?
सही उत्तर: (D)
व्याख्या: गेस्टाल्ट सिद्धांत में अंतर्दृष्टि अधिगम पर बल दिया जाता है। व्यक्ति समस्या के विभिन्न भागों के बीच संबंध समझकर अचानक समाधान प्राप्त कर सकता है।
व्याख्या: गेस्टाल्ट सिद्धांत में अंतर्दृष्टि अधिगम पर बल दिया जाता है। व्यक्ति समस्या के विभिन्न भागों के बीच संबंध समझकर अचानक समाधान प्राप्त कर सकता है।
प्रश्न 4. मास्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत में सर्वोच्च स्तर की आवश्यकता कौन-सी है?
सही उत्तर: (B)
व्याख्या: मास्लो के पारंपरिक आवश्यकता पदानुक्रम में आत्म-साक्षात्कार सर्वोच्च स्तर है। इसमें व्यक्ति अपनी क्षमताओं और संभावनाओं का पूर्ण विकास करने का प्रयास करता है।
व्याख्या: मास्लो के पारंपरिक आवश्यकता पदानुक्रम में आत्म-साक्षात्कार सर्वोच्च स्तर है। इसमें व्यक्ति अपनी क्षमताओं और संभावनाओं का पूर्ण विकास करने का प्रयास करता है।
प्रश्न 5. पावलॉव का शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत मुख्य रूप से किस प्रक्रिया की व्याख्या करता है?
सही उत्तर: (C)
व्याख्या: शास्त्रीय अनुबंधन में एक तटस्थ उद्दीपक को प्राकृतिक उद्दीपक के साथ बार-बार प्रस्तुत करने से वह स्वयं प्रतिक्रिया उत्पन्न करने लगता है।
व्याख्या: शास्त्रीय अनुबंधन में एक तटस्थ उद्दीपक को प्राकृतिक उद्दीपक के साथ बार-बार प्रस्तुत करने से वह स्वयं प्रतिक्रिया उत्पन्न करने लगता है।
प्रश्न 6. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) में सकारात्मक पुनर्बलन का उदाहरण कौन-सा है?
सही उत्तर: (A)
व्याख्या: सकारात्मक पुनर्बलन में वांछित व्यवहार के बाद कोई सुखद परिणाम दिया जाता है, जिससे उस व्यवहार के दोहराए जाने की संभावना बढ़ती है।
व्याख्या: सकारात्मक पुनर्बलन में वांछित व्यवहार के बाद कोई सुखद परिणाम दिया जाता है, जिससे उस व्यवहार के दोहराए जाने की संभावना बढ़ती है।
प्रश्न 7. ड्यूई के शिक्षा दर्शन में 'Learning by Doing' का क्या महत्त्व है?
सही उत्तर: (D)
व्याख्या: जॉन ड्यूई अनुभव आधारित शिक्षा के समर्थक थे। उनके अनुसार बच्चे वास्तविक गतिविधियों और समस्याओं में भाग लेकर अधिक अर्थपूर्ण ढंग से सीखते हैं।
व्याख्या: जॉन ड्यूई अनुभव आधारित शिक्षा के समर्थक थे। उनके अनुसार बच्चे वास्तविक गतिविधियों और समस्याओं में भाग लेकर अधिक अर्थपूर्ण ढंग से सीखते हैं।
प्रश्न 8. गिलफोर्ड के अनुसार अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) की प्रमुख विशेषता क्या है?
सही उत्तर: (B)
व्याख्या: अपसारी चिंतन में व्यक्ति एक ही समस्या के अनेक मौलिक एवं संभावित समाधान प्रस्तुत करता है। यह सृजनात्मकता का महत्त्वपूर्ण घटक है।
व्याख्या: अपसारी चिंतन में व्यक्ति एक ही समस्या के अनेक मौलिक एवं संभावित समाधान प्रस्तुत करता है। यह सृजनात्मकता का महत्त्वपूर्ण घटक है।
प्रश्न 9. स्पीयरमैन के द्वि-कारक बुद्धि सिद्धांत में 'g' कारक किसका प्रतिनिधित्व करता है?
सही उत्तर: (C)
व्याख्या: स्पीयरमैन ने बुद्धि को सामान्य कारक (g) और विशिष्ट कारक (s) में विभाजित किया। सामान्य कारक विभिन्न मानसिक कार्यों में सामान्य रूप से योगदान देता है।
व्याख्या: स्पीयरमैन ने बुद्धि को सामान्य कारक (g) और विशिष्ट कारक (s) में विभाजित किया। सामान्य कारक विभिन्न मानसिक कार्यों में सामान्य रूप से योगदान देता है।
प्रश्न 10. थर्स्टन के प्राथमिक मानसिक योग्यताओं के सिद्धांत में निम्नलिखित में से कौन-सी योग्यता शामिल है?
सही उत्तर: (A)
व्याख्या: थर्स्टन ने सात प्राथमिक मानसिक योग्यताओं का वर्णन किया, जिनमें शब्द प्रवाह, संख्यात्मक क्षमता, स्मृति, प्रत्यक्षण गति और तर्क आदि शामिल हैं।
व्याख्या: थर्स्टन ने सात प्राथमिक मानसिक योग्यताओं का वर्णन किया, जिनमें शब्द प्रवाह, संख्यात्मक क्षमता, स्मृति, प्रत्यक्षण गति और तर्क आदि शामिल हैं।
प्रश्न 11. विगोत्स्की के अनुसार निजी वाणी (Private Speech) का बच्चों के विकास में क्या कार्य है?
सही उत्तर: (D)
व्याख्या: निजी वाणी के माध्यम से बच्चा स्वयं से बात करके अपने कार्यों की योजना बनाता है और समस्या समाधान में अपने व्यवहार को नियंत्रित करता है।
व्याख्या: निजी वाणी के माध्यम से बच्चा स्वयं से बात करके अपने कार्यों की योजना बनाता है और समस्या समाधान में अपने व्यवहार को नियंत्रित करता है।
प्रश्न 12. एरिक्सन के अनुसार विद्यालयी आयु के बच्चों में कौन-सा मनोसामाजिक संघर्ष प्रमुख होता है?
सही उत्तर: (B)
व्याख्या: एरिक्सन के अनुसार लगभग 6 से 12 वर्ष की अवस्था में बच्चे में कार्य-कौशल और उपलब्धि की भावना विकसित होती है। असफलता से हीनता की भावना उत्पन्न हो सकती है।
व्याख्या: एरिक्सन के अनुसार लगभग 6 से 12 वर्ष की अवस्था में बच्चे में कार्य-कौशल और उपलब्धि की भावना विकसित होती है। असफलता से हीनता की भावना उत्पन्न हो सकती है।
प्रश्न 13. ब्रूनर के अधिगम सिद्धांत में 'खोज अधिगम' (Discovery Learning) का अर्थ क्या है?
सही उत्तर: (C)
व्याख्या: ब्रूनर ने खोज अधिगम पर बल दिया। इसमें विद्यार्थी प्रश्न पूछते हैं, खोज करते हैं और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर स्वयं अवधारणाएँ विकसित करते हैं।
व्याख्या: ब्रूनर ने खोज अधिगम पर बल दिया। इसमें विद्यार्थी प्रश्न पूछते हैं, खोज करते हैं और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर स्वयं अवधारणाएँ विकसित करते हैं।
प्रश्न 14. ब्रूनर के अनुसार ज्ञान के निरूपण (Modes of Representation) का सही क्रम कौन-सा है?
सही उत्तर: (A)
व्याख्या: ब्रूनर ने ज्ञान निरूपण के तीन रूप बताए: Enactive (क्रियात्मक), Iconic (प्रतिबिंबात्मक) और Symbolic (प्रतीकात्मक)।
व्याख्या: ब्रूनर ने ज्ञान निरूपण के तीन रूप बताए: Enactive (क्रियात्मक), Iconic (प्रतिबिंबात्मक) और Symbolic (प्रतीकात्मक)।
प्रश्न 15. कोहलबर्ग के नैतिक विकास में सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने तथा कानून का पालन करने वाला व्यक्ति किस अवस्था में होता है?
सही उत्तर: (D)
व्याख्या: कानून एवं व्यवस्था अभिविन्यास में व्यक्ति सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने, कर्तव्य निभाने और नियमों का पालन करने को महत्त्व देता है।
व्याख्या: कानून एवं व्यवस्था अभिविन्यास में व्यक्ति सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने, कर्तव्य निभाने और नियमों का पालन करने को महत्त्व देता है।
प्रश्न 16. भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence) की अवधारणा में मुख्य रूप से कौन-सी क्षमता शामिल है?
सही उत्तर: (B)
व्याख्या: भावनात्मक बुद्धिमत्ता में अपनी भावनाओं को समझना, नियंत्रित करना तथा दूसरों की भावनाओं को पहचानकर उचित सामाजिक व्यवहार करना शामिल है।
व्याख्या: भावनात्मक बुद्धिमत्ता में अपनी भावनाओं को समझना, नियंत्रित करना तथा दूसरों की भावनाओं को पहचानकर उचित सामाजिक व्यवहार करना शामिल है।
प्रश्न 17. एक शिक्षक किसी विद्यार्थी को कठिन कार्य पूरा करने के बाद आत्मविश्वास विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह किस मनोवैज्ञानिक अवधारणा से संबंधित है?
सही उत्तर: (C)
व्याख्या: बंडूरा की आत्म-प्रभावकारिता की अवधारणा व्यक्ति के इस विश्वास को दर्शाती है कि वह किसी विशेष कार्य को सफलतापूर्वक कर सकता है।
व्याख्या: बंडूरा की आत्म-प्रभावकारिता की अवधारणा व्यक्ति के इस विश्वास को दर्शाती है कि वह किसी विशेष कार्य को सफलतापूर्वक कर सकता है।
प्रश्न 18. जब विद्यार्थी अपनी असफलता का कारण अपनी अपर्याप्त तैयारी को मानता है, तो यह किस प्रकार के कारणारोपण (Attribution) का उदाहरण है?
सही उत्तर: (A)
व्याख्या: तैयारी और प्रयास व्यक्ति के आंतरिक तथा परिवर्तनीय कारण हैं। इनमें सुधार करके विद्यार्थी भविष्य के प्रदर्शन को बेहतर बना सकता है।
व्याख्या: तैयारी और प्रयास व्यक्ति के आंतरिक तथा परिवर्तनीय कारण हैं। इनमें सुधार करके विद्यार्थी भविष्य के प्रदर्शन को बेहतर बना सकता है।
प्रश्न 19. निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test) और उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) के बीच सही संबंध क्या है?
सही उत्तर: (D)
व्याख्या: पहले निदानात्मक परीक्षण से अधिगम कठिनाइयों का पता लगाया जाता है। उसके बाद उन कठिनाइयों को दूर करने के लिए विशेष शिक्षण गतिविधियाँ दी जाती हैं।
व्याख्या: पहले निदानात्मक परीक्षण से अधिगम कठिनाइयों का पता लगाया जाता है। उसके बाद उन कठिनाइयों को दूर करने के लिए विशेष शिक्षण गतिविधियाँ दी जाती हैं।
प्रश्न 20. पोर्टफोलियो मूल्यांकन (Portfolio Assessment) का सबसे प्रमुख लाभ क्या है?
सही उत्तर: (B)
व्याख्या: पोर्टफोलियो में विद्यार्थी के विभिन्न कार्य, परियोजनाएँ और उपलब्धियाँ संकलित रहती हैं। इससे उसकी समयानुसार प्रगति का आकलन किया जा सकता है।
व्याख्या: पोर्टफोलियो में विद्यार्थी के विभिन्न कार्य, परियोजनाएँ और उपलब्धियाँ संकलित रहती हैं। इससे उसकी समयानुसार प्रगति का आकलन किया जा सकता है।
प्रश्न 21. डिस्कैल्कुलिया (Dyscalculia) मुख्य रूप से किस क्षेत्र की विशिष्ट अधिगम कठिनाई है?
सही उत्तर: (C)
व्याख्या: डिस्कैल्कुलिया में संख्या बोध, गणितीय गणना, संख्याओं की तुलना और गणितीय अवधारणाओं को समझने में कठिनाई हो सकती है।
व्याख्या: डिस्कैल्कुलिया में संख्या बोध, गणितीय गणना, संख्याओं की तुलना और गणितीय अवधारणाओं को समझने में कठिनाई हो सकती है।
प्रश्न 22. डिस्ग्राफिया (Dysgraphia) से प्रभावित बच्चे को सामान्यतः किस प्रकार की कठिनाई होती है?
सही उत्तर: (A)
व्याख्या: डिस्ग्राफिया एक विशिष्ट अधिगम कठिनाई है, जिसमें हस्तलेखन, अक्षरों के निर्माण, वर्तनी और लिखित अभिव्यक्ति प्रभावित हो सकती है।
व्याख्या: डिस्ग्राफिया एक विशिष्ट अधिगम कठिनाई है, जिसमें हस्तलेखन, अक्षरों के निर्माण, वर्तनी और लिखित अभिव्यक्ति प्रभावित हो सकती है।
प्रश्न 23. डिस्प्रेक्सिया (Dyspraxia) से प्रभावित बच्चे में मुख्य रूप से किस प्रकार की कठिनाई देखी जा सकती है?
सही उत्तर: (D)
व्याख्या: डिस्प्रेक्सिया को विकासात्मक समन्वय विकार (DCD) से भी जोड़ा जाता है। इसमें मोटर गतिविधियों की योजना और समन्वय करने में कठिनाई होती है।
व्याख्या: डिस्प्रेक्सिया को विकासात्मक समन्वय विकार (DCD) से भी जोड़ा जाता है। इसमें मोटर गतिविधियों की योजना और समन्वय करने में कठिनाई होती है।
प्रश्न 24. बहुभाषी कक्षा में बच्चों की मातृभाषा का उपयोग किस प्रकार किया जाना चाहिए?
सही उत्तर: (B)
व्याख्या: मातृभाषा बच्चे के अनुभव और पूर्वज्ञान का महत्त्वपूर्ण आधार है। इसका उपयोग नई भाषा एवं अवधारणाओं को समझने में सहायक होता है।
व्याख्या: मातृभाषा बच्चे के अनुभव और पूर्वज्ञान का महत्त्वपूर्ण आधार है। इसका उपयोग नई भाषा एवं अवधारणाओं को समझने में सहायक होता है।
प्रश्न 25. प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए सबसे उपयुक्त शिक्षण व्यवस्था कौन-सी है?
सही उत्तर: (C)
व्याख्या: प्रतिभाशाली बच्चों को उनकी क्षमता के अनुरूप चुनौतीपूर्ण कार्य, परियोजनाएँ, स्वतंत्र खोज और समृद्धिकरण गतिविधियाँ प्रदान करनी चाहिए।
व्याख्या: प्रतिभाशाली बच्चों को उनकी क्षमता के अनुरूप चुनौतीपूर्ण कार्य, परियोजनाएँ, स्वतंत्र खोज और समृद्धिकरण गतिविधियाँ प्रदान करनी चाहिए।
प्रश्न 26. किसी बच्चे के व्यवहार को समझने के लिए शिक्षक द्वारा प्राकृतिक परिस्थितियों में व्यवस्थित रूप से उसका अवलोकन करना किस विधि का उदाहरण है?
सही उत्तर: (A)
व्याख्या: अवलोकन विधि में शिक्षक बच्चे के व्यवहार, सामाजिक संपर्क और गतिविधियों का वास्तविक परिस्थितियों में अध्ययन करता है।
व्याख्या: अवलोकन विधि में शिक्षक बच्चे के व्यवहार, सामाजिक संपर्क और गतिविधियों का वास्तविक परिस्थितियों में अध्ययन करता है।
प्रश्न 27. शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में मेटाकॉग्निशन (Metacognition) का क्या अर्थ है?
सही उत्तर: (D)
व्याख्या: मेटाकॉग्निशन का अर्थ है अपनी संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक होना। इसमें योजना बनाना, अपनी समझ की निगरानी करना और रणनीति में बदलाव करना शामिल है।
व्याख्या: मेटाकॉग्निशन का अर्थ है अपनी संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक होना। इसमें योजना बनाना, अपनी समझ की निगरानी करना और रणनीति में बदलाव करना शामिल है।
प्रश्न 28. स्थानांतरण अधिगम (Transfer of Learning) का उदाहरण कौन-सा है?
सही उत्तर: (B)
व्याख्या: स्थानांतरण अधिगम में एक परिस्थिति में प्राप्त ज्ञान या कौशल का उपयोग दूसरी परिस्थिति में किया जाता है।
व्याख्या: स्थानांतरण अधिगम में एक परिस्थिति में प्राप्त ज्ञान या कौशल का उपयोग दूसरी परिस्थिति में किया जाता है।
प्रश्न 29. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
सही उत्तर: (C)
व्याख्या: NEP 2020 में ECCE के अंतर्गत खेल, गतिविधि, खोज और अनुभव आधारित शिक्षा द्वारा बच्चों के शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक एवं संवेगात्मक विकास पर बल दिया गया है।
व्याख्या: NEP 2020 में ECCE के अंतर्गत खेल, गतिविधि, खोज और अनुभव आधारित शिक्षा द्वारा बच्चों के शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक एवं संवेगात्मक विकास पर बल दिया गया है।
प्रश्न 30. एक शिक्षक किसी विद्यार्थी की बार-बार होने वाली त्रुटियों का विश्लेषण करके उसकी सोच की प्रक्रिया को समझने का प्रयास करता है। यह किस शैक्षिक दृष्टिकोण को दर्शाता है?
सही उत्तर: (A)
व्याख्या: त्रुटियों का विश्लेषण करने से शिक्षक बच्चे की वैचारिक समझ और गलत धारणाओं को पहचान सकता है। इससे प्रभावी सुधारात्मक शिक्षण संभव होता है।
व्याख्या: त्रुटियों का विश्लेषण करने से शिक्षक बच्चे की वैचारिक समझ और गलत धारणाओं को पहचान सकता है। इससे प्रभावी सुधारात्मक शिक्षण संभव होता है।

