JEAN PIAGET THEORY MCQ QUIZ MOCK TEST
NOTE(01)-जीन पियाजे पर 30 MCQ |Jean Piaget की चारों अवस्थाएँ, Schema, Assimilation, Accommodation, Equilibration, Object Permanence, Egocentrism, Conservation, Reversibility, Animism, Adaptation तथा शैक्षिक निहितार्थ को कवर करके 30 प्रश्न बनाया गया है जो CTET के परीक्षा में बहुत उपयोगी है |
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JEAN PIAGET THEORY SCORE CHECK QUIZ
Jean Piaget (जीन पियाजे) MCQ Quiz Mock Test – Set 01
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1. जीन पियाजे के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास मुख्यतः किस प्रक्रिया पर आधारित है?
सही उत्तर: (C) वातावरण के साथ सक्रिय अंतःक्रिया
व्याख्या: पियाजे के अनुसार बालक अपने वातावरण के साथ सक्रिय अंतःक्रिया करते हुए ज्ञान का निर्माण करता है। संज्ञानात्मक विकास में अनुभव और मानसिक संरचनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
व्याख्या: पियाजे के अनुसार बालक अपने वातावरण के साथ सक्रिय अंतःक्रिया करते हुए ज्ञान का निर्माण करता है। संज्ञानात्मक विकास में अनुभव और मानसिक संरचनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
2. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत में कुल कितनी प्रमुख अवस्थाएँ मानी गई हैं?
सही उत्तर: (C) चार
व्याख्या: पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास को चार अवस्थाओं में विभाजित किया—संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त-संक्रियात्मक और औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था।
व्याख्या: पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास को चार अवस्थाओं में विभाजित किया—संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त-संक्रियात्मक और औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था।
3. पियाजे की संवेदी-गामक अवस्था (Sensorimotor Stage) की आयु लगभग कितनी होती है?
सही उत्तर: (A) जन्म से 2 वर्ष
व्याख्या: संवेदी-गामक अवस्था जन्म से लगभग 2 वर्ष तक मानी जाती है। इस अवस्था में बच्चा इंद्रियों और शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से अपने वातावरण को समझता है।
व्याख्या: संवेदी-गामक अवस्था जन्म से लगभग 2 वर्ष तक मानी जाती है। इस अवस्था में बच्चा इंद्रियों और शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से अपने वातावरण को समझता है।
4. पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Preoperational Stage) सामान्यतः किस आयु से संबंधित है?
सही उत्तर: (B) 2 से 7 वर्ष
व्याख्या: पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था लगभग 2 से 7 वर्ष तक रहती है। इस अवधि में प्रतीकात्मक चिंतन विकसित होता है, लेकिन तार्किक संक्रियाओं की क्षमता अभी पूर्ण रूप से विकसित नहीं होती।
व्याख्या: पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था लगभग 2 से 7 वर्ष तक रहती है। इस अवधि में प्रतीकात्मक चिंतन विकसित होता है, लेकिन तार्किक संक्रियाओं की क्षमता अभी पूर्ण रूप से विकसित नहीं होती।
5. पियाजे के अनुसार मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) की आयु लगभग क्या है?
सही उत्तर: (C) 7–11 वर्ष
व्याख्या: मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था लगभग 7 से 11 वर्ष की आयु से संबंधित है। इस अवस्था में बच्चा ठोस वस्तुओं और घटनाओं के संदर्भ में तार्किक चिंतन करने लगता है।
व्याख्या: मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था लगभग 7 से 11 वर्ष की आयु से संबंधित है। इस अवस्था में बच्चा ठोस वस्तुओं और घटनाओं के संदर्भ में तार्किक चिंतन करने लगता है।
6. औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) सामान्यतः किस आयु के बाद प्रारंभ होती है?
सही उत्तर: (D) 11 वर्ष के आसपास
व्याख्या: औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था लगभग 11 वर्ष के बाद विकसित होती है। इसमें अमूर्त, काल्पनिक और तार्किक चिंतन की क्षमता अधिक विकसित होती है।
व्याख्या: औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था लगभग 11 वर्ष के बाद विकसित होती है। इसमें अमूर्त, काल्पनिक और तार्किक चिंतन की क्षमता अधिक विकसित होती है।
7. पियाजे के सिद्धांत में 'Schema' से क्या तात्पर्य है?
सही उत्तर: (A) मानसिक संरचना या ज्ञान की संगठित इकाई
व्याख्या: Schema ऐसी मानसिक संरचना है जिसके माध्यम से व्यक्ति वस्तुओं, घटनाओं और अनुभवों को समझने तथा व्यवस्थित करने का प्रयास करता है।
व्याख्या: Schema ऐसी मानसिक संरचना है जिसके माध्यम से व्यक्ति वस्तुओं, घटनाओं और अनुभवों को समझने तथा व्यवस्थित करने का प्रयास करता है।
8. नई जानकारी को पहले से उपलब्ध Schema में समाहित करने की प्रक्रिया को पियाजे ने क्या कहा?
सही उत्तर: (B) Assimilation
व्याख्या: Assimilation में व्यक्ति नए अनुभव को अपनी पहले से मौजूद मानसिक संरचना या Schema के अनुरूप समझने का प्रयास करता है।
व्याख्या: Assimilation में व्यक्ति नए अनुभव को अपनी पहले से मौजूद मानसिक संरचना या Schema के अनुरूप समझने का प्रयास करता है।
9. जब बच्चा नई जानकारी के कारण अपने मौजूदा Schema में परिवर्तन करता है, तो इसे क्या कहा जाता है?
सही उत्तर: (B) Accommodation
व्याख्या: Accommodation तब होता है जब नया अनुभव मौजूदा Schema में फिट नहीं बैठता और व्यक्ति अपने Schema में आवश्यक परिवर्तन करता है।
व्याख्या: Accommodation तब होता है जब नया अनुभव मौजूदा Schema में फिट नहीं बैठता और व्यक्ति अपने Schema में आवश्यक परिवर्तन करता है।
10. पियाजे के अनुसार Assimilation और Accommodation के बीच संतुलन की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
सही उत्तर: (A) Equilibration
व्याख्या: Equilibration वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से व्यक्ति Assimilation और Accommodation के बीच संतुलन स्थापित करता है और संज्ञानात्मक अनुकूलन करता है।
व्याख्या: Equilibration वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से व्यक्ति Assimilation और Accommodation के बीच संतुलन स्थापित करता है और संज्ञानात्मक अनुकूलन करता है।
11. पियाजे के अनुसार 'Object Permanence' का अर्थ क्या है?
सही उत्तर: (B) वस्तु के दिखाई न देने पर भी उसके अस्तित्व को समझना
व्याख्या: Object Permanence का अर्थ है कि बच्चा यह समझने लगता है कि कोई वस्तु उसकी दृष्टि से ओझल होने के बाद भी अस्तित्व में रहती है।
व्याख्या: Object Permanence का अर्थ है कि बच्चा यह समझने लगता है कि कोई वस्तु उसकी दृष्टि से ओझल होने के बाद भी अस्तित्व में रहती है।
12. पियाजे के अनुसार Egocentrism विशेष रूप से किस अवस्था की विशेषता है?
सही उत्तर: (B) पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था
व्याख्या: पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में बच्चा दूसरे व्यक्ति के दृष्टिकोण को समझने में कठिनाई अनुभव कर सकता है। इसी विशेषता को Egocentrism कहा जाता है।
व्याख्या: पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में बच्चा दूसरे व्यक्ति के दृष्टिकोण को समझने में कठिनाई अनुभव कर सकता है। इसी विशेषता को Egocentrism कहा जाता है।
13. पियाजे के अनुसार Conservation की क्षमता मुख्यतः किस अवस्था में विकसित होती है?
सही उत्तर: (C) मूर्त-संक्रियात्मक
व्याख्या: Conservation का अर्थ है यह समझना कि किसी वस्तु का रूप बदलने पर भी उसकी मात्रा या संख्या आवश्यक रूप से नहीं बदलती। यह क्षमता मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था में विकसित होती है।
व्याख्या: Conservation का अर्थ है यह समझना कि किसी वस्तु का रूप बदलने पर भी उसकी मात्रा या संख्या आवश्यक रूप से नहीं बदलती। यह क्षमता मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था में विकसित होती है।
14. यदि समान मात्रा के पानी को अलग-अलग आकार के पात्रों में डालने पर बच्चा मात्रा समान मानता है, तो यह किस अवधारणा को दर्शाता है?
सही उत्तर: (B) Conservation
व्याख्या: पात्र का आकार बदलने के बावजूद पानी की मात्रा समान समझना Conservation की क्षमता को दर्शाता है।
व्याख्या: पात्र का आकार बदलने के बावजूद पानी की मात्रा समान समझना Conservation की क्षमता को दर्शाता है।
15. पियाजे के अनुसार बच्चे को ज्ञान का निष्क्रिय प्राप्तकर्ता मानने के बजाय किस रूप में देखा जाना चाहिए?
सही उत्तर: (A) सक्रिय ज्ञान-निर्माता
व्याख्या: पियाजे का दृष्टिकोण Constructivist है। उनके अनुसार बालक अनुभव और वातावरण के साथ अंतःक्रिया करके स्वयं ज्ञान का निर्माण करता है।
व्याख्या: पियाजे का दृष्टिकोण Constructivist है। उनके अनुसार बालक अनुभव और वातावरण के साथ अंतःक्रिया करके स्वयं ज्ञान का निर्माण करता है।
16. पियाजे का सिद्धांत मुख्य रूप से किस विकास से संबंधित है?
सही उत्तर: (B) संज्ञानात्मक विकास
व्याख्या: पियाजे का प्रमुख योगदान बच्चों के संज्ञानात्मक विकास और उनके सोचने के तरीके में होने वाले क्रमिक परिवर्तनों को समझाने में है।
व्याख्या: पियाजे का प्रमुख योगदान बच्चों के संज्ञानात्मक विकास और उनके सोचने के तरीके में होने वाले क्रमिक परिवर्तनों को समझाने में है।
17. पियाजे के अनुसार औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था की प्रमुख विशेषता क्या है?
सही उत्तर: (C) अमूर्त एवं काल्पनिक चिंतन
व्याख्या: औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था में व्यक्ति अमूर्त अवधारणाओं, परिकल्पनाओं और संभावित परिस्थितियों पर तार्किक ढंग से विचार कर सकता है।
व्याख्या: औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था में व्यक्ति अमूर्त अवधारणाओं, परिकल्पनाओं और संभावित परिस्थितियों पर तार्किक ढंग से विचार कर सकता है।
18. पियाजे के सिद्धांत में Reversibility का संबंध किस क्षमता से है?
सही उत्तर: (A) मानसिक क्रिया को उल्टे क्रम में समझना
व्याख्या: Reversibility का अर्थ है किसी मानसिक प्रक्रिया को उसके विपरीत या उल्टे क्रम में भी समझ पाने की क्षमता। यह तार्किक चिंतन के विकास से जुड़ी है।
व्याख्या: Reversibility का अर्थ है किसी मानसिक प्रक्रिया को उसके विपरीत या उल्टे क्रम में भी समझ पाने की क्षमता। यह तार्किक चिंतन के विकास से जुड़ी है।
19. पियाजे के अनुसार बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में 'Adaptation' मुख्यतः किन दो प्रक्रियाओं से संबंधित है?
सही उत्तर: (B) Assimilation और Accommodation
व्याख्या: पियाजे के अनुसार Adaptation में व्यक्ति नए अनुभवों के साथ सामंजस्य स्थापित करता है। इसमें Assimilation और Accommodation दोनों प्रक्रियाएँ शामिल हैं।
व्याख्या: पियाजे के अनुसार Adaptation में व्यक्ति नए अनुभवों के साथ सामंजस्य स्थापित करता है। इसमें Assimilation और Accommodation दोनों प्रक्रियाएँ शामिल हैं।
20. पियाजे के अनुसार बालक के संज्ञानात्मक विकास की अवस्थाएँ किस प्रकार व्यवस्थित हैं?
सही उत्तर: (A) निश्चित क्रम में
व्याख्या: पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास की चार अवस्थाओं को एक क्रम में प्रस्तुत किया। प्रत्येक अवस्था में सोचने की विशिष्ट विशेषताएँ दिखाई देती हैं।
व्याख्या: पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास की चार अवस्थाओं को एक क्रम में प्रस्तुत किया। प्रत्येक अवस्था में सोचने की विशिष्ट विशेषताएँ दिखाई देती हैं।
21. पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में बच्चा प्रतीकों का उपयोग करने में सक्षम होता है। इसे किससे सबसे अच्छी तरह समझा जा सकता है?
सही उत्तर: (A) प्रतीकात्मक चिंतन
व्याख्या: पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में बच्चा भाषा, चित्र और अन्य प्रतीकों के माध्यम से वस्तुओं या घटनाओं का प्रतिनिधित्व करने लगता है।
व्याख्या: पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में बच्चा भाषा, चित्र और अन्य प्रतीकों के माध्यम से वस्तुओं या घटनाओं का प्रतिनिधित्व करने लगता है।
22. पियाजे के अनुसार 'Animism' का अर्थ क्या है?
सही उत्तर: (A) निर्जीव वस्तुओं को जीवित गुण देना
व्याख्या: Animism में बच्चा निर्जीव वस्तुओं को मानव या जीवित प्राणियों जैसे गुणों से युक्त मान सकता है। यह पूर्व-संक्रियात्मक चिंतन की विशेषताओं में से एक है।
व्याख्या: Animism में बच्चा निर्जीव वस्तुओं को मानव या जीवित प्राणियों जैसे गुणों से युक्त मान सकता है। यह पूर्व-संक्रियात्मक चिंतन की विशेषताओं में से एक है।
23. पियाजे के अनुसार बच्चे की सोच में गुणात्मक परिवर्तन किस कारण से महत्वपूर्ण हैं?
सही उत्तर: (A) क्योंकि सोचने की संरचना में परिवर्तन होता है
व्याख्या: पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास को केवल ज्ञान की मात्रा बढ़ने के रूप में नहीं देखा, बल्कि सोचने की संरचना और तर्क करने के तरीके में गुणात्मक परिवर्तन के रूप में समझाया।
व्याख्या: पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास को केवल ज्ञान की मात्रा बढ़ने के रूप में नहीं देखा, बल्कि सोचने की संरचना और तर्क करने के तरीके में गुणात्मक परिवर्तन के रूप में समझाया।
24. पियाजे के सिद्धांत के अनुसार शिक्षक की भूमिका किस दृष्टिकोण से अधिक उपयुक्त है?
सही उत्तर: (B) बच्चों को सक्रिय अनुभव और खोज के अवसर देने वाला
व्याख्या: पियाजे के रचनावादी दृष्टिकोण में बालक सक्रिय ज्ञान-निर्माता है। इसलिए शिक्षक को ऐसी परिस्थितियाँ उपलब्ध करानी चाहिए जिनमें बालक खोज और अनुभव के माध्यम से सीख सके।
व्याख्या: पियाजे के रचनावादी दृष्टिकोण में बालक सक्रिय ज्ञान-निर्माता है। इसलिए शिक्षक को ऐसी परिस्थितियाँ उपलब्ध करानी चाहिए जिनमें बालक खोज और अनुभव के माध्यम से सीख सके।
25. निम्न में से कौन-सी विशेषता मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था से अधिक संबंधित है?
सही उत्तर: (B) Conservation और वर्गीकरण की क्षमता
व्याख्या: मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था में बच्चा वर्गीकरण, क्रमबद्धता और Conservation जैसी तार्किक क्षमताओं का विकास करता है।
व्याख्या: मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था में बच्चा वर्गीकरण, क्रमबद्धता और Conservation जैसी तार्किक क्षमताओं का विकास करता है।
26. पियाजे के अनुसार औपचारिक संक्रियात्मक चिंतन में बच्चा किस प्रकार की समस्या पर बेहतर ढंग से विचार कर सकता है?
सही उत्तर: (C) काल्पनिक और अमूर्त समस्या पर
व्याख्या: औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था में व्यक्ति ऐसी समस्याओं पर भी तर्क कर सकता है जो प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हैं और जिनमें अमूर्त या काल्पनिक विचार शामिल होते हैं।
व्याख्या: औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था में व्यक्ति ऐसी समस्याओं पर भी तर्क कर सकता है जो प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हैं और जिनमें अमूर्त या काल्पनिक विचार शामिल होते हैं।
27. पियाजे के सिद्धांत का शिक्षा में सबसे महत्वपूर्ण निहितार्थ क्या है?
सही उत्तर: (B) बालक की विकासात्मक अवस्था के अनुसार सीखने के अवसर देना
व्याख्या: पियाजे का सिद्धांत बताता है कि बच्चों की सोच विकास के विभिन्न स्तरों से गुजरती है। इसलिए शिक्षण को उनकी संज्ञानात्मक तैयारी और अनुभव के अनुरूप होना चाहिए।
व्याख्या: पियाजे का सिद्धांत बताता है कि बच्चों की सोच विकास के विभिन्न स्तरों से गुजरती है। इसलिए शिक्षण को उनकी संज्ञानात्मक तैयारी और अनुभव के अनुरूप होना चाहिए।
28. पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास में 'Equilibrium' का टूटना किस स्थिति को जन्म दे सकता है?
सही उत्तर: (A) Disequilibrium
व्याख्या: जब नया अनुभव व्यक्ति की मौजूदा मानसिक संरचनाओं से मेल नहीं खाता, तो संज्ञानात्मक असंतुलन या Disequilibrium उत्पन्न हो सकता है। इसके समाधान की प्रक्रिया में नए समायोजन होते हैं।
व्याख्या: जब नया अनुभव व्यक्ति की मौजूदा मानसिक संरचनाओं से मेल नहीं खाता, तो संज्ञानात्मक असंतुलन या Disequilibrium उत्पन्न हो सकता है। इसके समाधान की प्रक्रिया में नए समायोजन होते हैं।
29. निम्न में से कौन-सा पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत का सही क्रम है?
सही उत्तर: (B) संवेदी-गामक → पूर्व-संक्रियात्मक → मूर्त-संक्रियात्मक → औपचारिक-संक्रियात्मक
व्याख्या: पियाजे के सिद्धांत में चार अवस्थाओं का क्रम संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त-संक्रियात्मक और औपचारिक-संक्रियात्मक है।
व्याख्या: पियाजे के सिद्धांत में चार अवस्थाओं का क्रम संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त-संक्रियात्मक और औपचारिक-संक्रियात्मक है।
30. पियाजे के सिद्धांत के अनुसार सीखने को सबसे उपयुक्त रूप से किस रूप में समझा जा सकता है?
सही उत्तर: (C) सक्रिय अनुभवों के माध्यम से ज्ञान का निर्माण
व्याख्या: पियाजे का रचनावादी दृष्टिकोण बालक को सक्रिय शिक्षार्थी मानता है। बच्चा अनुभव, अन्वेषण और वातावरण के साथ अंतःक्रिया द्वारा अपने ज्ञान का निर्माण करता है।
व्याख्या: पियाजे का रचनावादी दृष्टिकोण बालक को सक्रिय शिक्षार्थी मानता है। बच्चा अनुभव, अन्वेषण और वातावरण के साथ अंतःक्रिया द्वारा अपने ज्ञान का निर्माण करता है।

